हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,सुल्तानपुर। पवित्र रमजान माह में रोज़ा रखने का महत्व केवल भूख-प्यास तक सीमित नहीं है।बल्कि यह इंसान को आत्मसंयम, दया और इंसानियत का पाठ भी सिखाता है।
रोजेदारों का कहना है। और गरीबों की सहायता का संदेश देता है।रमज़ान का महीना इबादत, आत्मशुद्धि जरूरतमंदों की मदद कर उन्हें भी ईद की खुशियों में शामिल किया जाता है।
रोजा के दौरान फितरा और जकात रोजा रखने से इंसान के भीतर चेतना पैदा होती है। इंसान को अच्छे और मानवीय कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। रमजान का रोजा इंसान को सच्चाई और नेक रास्ते पर चलने की ताकत देता है।
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